MaalMitra
डिलीवरी रूट प्लानिंग: कम चक्कर में ज़्यादा दुकानों तक माल

डिलीवरी रूट प्लानिंग: कम चक्कर में ज़्यादा दुकानों तक माल

डिलीवरी · 31 अक्टूबर 2026 · 6 मिनट पढ़ें

इस लेख में
  1. बिना प्लान के डिलीवरी में क्या होता है
  2. डिलीवरी रूट प्लान करने के 6 क़दम
  3. 1. दुकानों को समूहों में बाँटें
  4. 2. हर समूह के तय दिन
  5. 3. ऑर्डर कट-ऑफ़ तय करें
  6. 4. दुकानों का क्रम बनाएँ
  7. 5. उल्टे क्रम में लोडिंग
  8. 6. हर डिलीवरी का सबूत
  9. डिलीवरी रूट के लिए ड्राइवर की चेकलिस्ट
  10. एक डिलीवरी रूट का उदाहरण
  11. रूट को बेहतर कैसे करें
  12. डिलीवरी के दिन पैसे का हिसाब
  13. MaalMitra कैसे मदद करता है
  14. आख़िरी बात

डिलीवरी रूट अच्छा तब है जब गाड़ी एक दिशा में चले, कोई इलाक़ा दो बार न घूमे, और हर दुकान को पता हो कि माल किस दिन आएगा। इसके लिए चार काम करें: दुकानों को इलाक़े या पिनकोड से समूहों में बाँटें, हर समूह के तय डिलीवरी दिन रखें, हर दिन के ऑर्डर पास-पास की दुकानों के क्रम में लगाएँ, और गाड़ी उसी उल्टे क्रम में लोड करें। फिर हर डिलीवरी का पक्का सबूत लें।

होलसेल और डिस्ट्रीब्यूशन में डिलीवरी सबसे महँगा रोज़ का काम है: डीज़ल, ड्राइवर, गाड़ी की टूट-फूट, और सबसे बढ़कर समय। बिना प्लान के रूट में गाड़ी शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक कई बार दौड़ती है, और शाम तक कुछ दुकानें छूट जाती हैं।

बिना प्लान के डिलीवरी में क्या होता है

  • एक इलाक़े में दो चक्कर। सुबह एक दुकान, दोपहर बगल वाली।
  • ग़लत लोडिंग। पहली दुकान का माल सबसे अंदर; हर स्टॉप पर पूरी गाड़ी खाली करनी पड़ती है।
  • ग़लत माल, ग़लत दुकान। दो दुकानों के कार्टन मिल गए।
  • दुकान बंद। दुकानदार को पता ही नहीं था कि आज माल आएगा।
  • सबूत नहीं। बाद में "माल नहीं मिला" या "कम मिला" की शिकायत, और जवाब नहीं।

डिलीवरी रूट प्लान करने के 6 क़दम

1. दुकानों को समूहों में बाँटें

अपनी सारी दुकानों की लिस्ट बनाएँ और उन्हें इलाक़े या पिनकोड के हिसाब से 4-6 समूहों में बाँटें। हर समूह इतना हो कि एक गाड़ी एक दिन में पूरा कर सके।

2. हर समूह के तय दिन

दिन समूह
सोमवार, गुरुवार पूर्वी इलाक़ा (जैसे पिनकोड A, B)
मंगलवार, शुक्रवार पश्चिमी इलाक़ा (C, D)
बुधवार, शनिवार बाहरी गाँव/क़स्बे

दुकानदारों को उनका दिन बता दें। वे उसी हिसाब से ऑर्डर करेंगे, और आपकी गाड़ी भरी हुई जाएगी।

3. ऑर्डर कट-ऑफ़ तय करें

जैसे "शाम 7 बजे तक का ऑर्डर, अगले दिन की डिलीवरी।" कट-ऑफ़ के बाद ही रूट बनाएँ, ताकि बीच में नया ऑर्डर आकर प्लान न बिगाड़े।

4. दुकानों का क्रम बनाएँ

हर दिन के ऑर्डर को इस तरह लगाएँ कि गाड़ी एक दिशा में चले: गोदाम से सबसे दूर वाली दुकान से शुरू करके वापस आते हुए, या सबसे पास से शुरू करके बाहर की ओर। एकतरफ़ा रास्ते, बाज़ार के भीड़ वाले घंटे और दुकान खुलने का समय भी ध्यान में रखें।

5. उल्टे क्रम में लोडिंग

आख़िरी दुकान का माल सबसे अंदर, पहली दुकान का दरवाज़े के पास। हर दुकान का माल अलग रखें, उस पर दुकान का नाम और ऑर्डर नंबर लिखें, और लोडिंग से पहले ऑर्डर से मिलान करें।

6. हर डिलीवरी का सबूत

हर दुकान पर डिलीवरी पक्की होनी चाहिए: किसने लिया, कितना लिया, कब लिया। कम माल पहुँचा हो तो वहीं दर्ज करें। डिलीवरी के सबूत पर विस्तार से हमारी गाइड proof of delivery app (अंग्रेज़ी में) देखें।

डिलीवरी रूट के लिए ड्राइवर की चेकलिस्ट

  • सुबह रूट और दुकानों का क्रम देख लें।
  • लोडिंग के बाद हर दुकान के माल की गिनती।
  • दुकान पहुँचने से पहले ज़रूरत हो तो फ़ोन।
  • डिलीवरी पर मात्रा दिखाकर पक्की करें।
  • माल कम, टूटा या लौटाया गया हो तो वहीं दर्ज करें।
  • दुकान बंद मिले तो डिलीवरी "फ़ेल" दर्ज करें, कारण के साथ।
  • शाम को वापसी पर बचा माल और लिया गया पैसा जमा।

कम माल वाली डिलीवरी को कैसे संभालें, यह हमारी गाइड partial delivery (अंग्रेज़ी में) में है।

एक डिलीवरी रूट का उदाहरण

मान लीजिए मंगलवार को पश्चिमी इलाक़े की 12 दुकानों के ऑर्डर हैं, जो तीन पिनकोड में फैली हैं। गोदाम पूर्व में है।

  1. क्रम: सबसे दूर वाले पिनकोड की 4 दुकानें पहले, फिर बीच के पिनकोड की 5, और लौटते हुए गोदाम के पास वाली 3।
  2. लोडिंग: लौटते समय वाली 3 दुकानों का माल सबसे अंदर, पहली 4 दुकानों का माल दरवाज़े के पास।
  3. समय: बाज़ार वाली दुकानें सुबह जल्दी, क्योंकि दोपहर में वहाँ गाड़ी खड़ी करना मुश्किल है।
  4. फ़ोन: जिन दो दुकानों के बंद मिलने की आदत है, उन्हें निकलते समय फ़ोन।

इस तरह गाड़ी एक बार जाती है और एक बार लौटती है, बीच में कोई उल्टा चक्कर नहीं।

रूट को बेहतर कैसे करें

  • हर हफ़्ते देखें कि कौन सा रूट शाम तक पूरा नहीं होता। वहाँ समूह छोटा करें।
  • फ़ेल डिलीवरी गिनें। किसी दुकान पर बार-बार दुकान बंद मिले तो उसका दिन या समय बदलें।
  • ड्राइवर की राय लें। रास्ते की असली दिक़्क़तें वही जानता है।
  • छोटे ऑर्डर जोड़ें। एक दुकान के लिए अलग चक्कर की जगह उसे अगले तय दिन के साथ भेजें, अगर दुकानदार राज़ी हो।

डिलीवरी के दिन पैसे का हिसाब

कई दुकानें डिलीवरी पर ही नकद या यूपीआई से पेमेंट करती हैं। ड्राइवर के पास पैसा आए तो गड़बड़ी से बचने के लिए:

  • हर पेमेंट उसी दुकान पर दर्ज हो, रकम और तरीक़े के साथ।
  • यूपीआई पेमेंट सीधे होलसेलर के खाते में लें, ड्राइवर के निजी नंबर पर नहीं।
  • शाम को ड्राइवर का नकद और दर्ज पेमेंट मिलाकर ही खाते में कन्फ़र्म करें।
  • जो दुकान उधार पर है, उसकी डिलीवरी पर ड्राइवर से पैसा माँगने की ज़िम्मेदारी तभी दें जब नियम साफ़ हो।

MaalMitra कैसे मदद करता है

MaalMitra में डिस्पैच, रूट और डिलीवरी एक ही जगह जुड़े हैं:

  • रूट प्लानिंग। होलसेलर के डिस्पैच में, दिन के ऑर्डर से दुकानों का क्रम पिनकोड की नज़दीकी के हिसाब से बनता है। आप क्रम बदल सकते हैं, और पूरा रूट Google Maps में खुल जाता है। यह पिनकोड पर आधारित आसान तरीका है, कोई भारी मैप सॉफ़्टवेयर नहीं।
  • एक क़दम में डिस्पैच। पूरा रूट एक साथ डिस्पैच करें।
  • ड्राइवर ऐप। ड्राइवर का अपना लॉगिन है और उसे सिर्फ़ उसके रूट दिखते हैं। वह रूट शुरू करता है, दुकान को फ़ोन या नेविगेट करता है, और डिलीवरी दर्ज करता है।
  • पक्की डिलीवरी। ड्राइवर रिटेलर का OTP डालकर डिलीवरी पक्की करता है, और फ़ोटो, सिग्नेचर और मात्रा अतिरिक्त सबूत के रूप में दर्ज होते हैं। कम मात्रा या फ़ेल डिलीवरी भी वहीं दर्ज होती है।
  • खाता और स्टॉक अपने आप। उधार वाले ऑर्डर की खाता एंट्री उतने ही माल की बनती है जितना डिलीवर हुआ, और कम डिलीवरी पर स्टॉक वापस जुड़ता है।

पूरे डिस्ट्रीब्यूशन के रोज़ के काम के लिए पढ़ें एफएमसीजी डिस्ट्रीब्यूटर बिज़नेस।

आख़िरी बात

अच्छा डिलीवरी रूट कोई महँगा सॉफ़्टवेयर नहीं, बल्कि साफ़ आदतें हैं: इलाक़े के समूह, तय दिन, एक दिशा में चलने वाला क्रम, उल्टे क्रम में लोडिंग और हर डिलीवरी का सबूत। इतना करने से डीज़ल, समय और बहस, तीनों बचते हैं।

अपने डिस्पैच और डिलीवरी को एक जगह लाना चाहते हैं? MaalMitra का 30 दिन का फ़्री ट्रायल शुरू करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डिलीवरी रूट कैसे तय करें?

पहले दुकानों को इलाक़े या पिनकोड के हिसाब से समूहों में बाँटें, हर समूह के लिए हफ़्ते के तय दिन रखें, और फिर हर दिन के ऑर्डर को पास-पास की दुकानों के क्रम में लगाएँ। गोदाम से सबसे दूर या सबसे पास से शुरू करके एक दिशा में चलें।

गाड़ी कैसे लोड करें?

जिस दुकान पर आख़िर में जाना है, उसका माल सबसे अंदर और पहली दुकान का माल दरवाज़े के पास। हर दुकान का माल अलग और नाम लिखा हुआ हो।

क्या MaalMitra रूट बनाता है?

हाँ, होलसेलर के डिस्पैच में। MaalMitra दुकानों का क्रम पिनकोड की नज़दीकी से सुझाता है, जिसे आप बदल सकते हैं, और पूरा रूट Google Maps में खुलता है। यह पिनकोड पर आधारित आसान तरीका है, कोई मैप-एपीआई वाला ऑप्टिमाइज़र नहीं।

डिलीवरी पक्की कैसे होती है?

MaalMitra में ड्राइवर रिटेलर का OTP डालकर डिलीवरी पक्की करता है। फ़ोटो, सिग्नेचर और मात्रा अतिरिक्त सबूत के रूप में दर्ज होते हैं।

अपनी दुकान चलाएँ मालमित्र पर

उधार का हिसाब रखें, रिमाइंडर भेजें और जल्दी पैसे पाएँ। शुरू करना मुफ़्त है।

मुफ़्त शुरू करें

और पढ़ें